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पीएम मोदी का बड़ा आह्वान: महिला आरक्षण लागू करें दल, ‘दिमागी नक्सल’ से सतर्क रहने की जरूरत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए सभी राजनीतिक दलों से लोकसभा और विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने के लिए समर्थन देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के इस मुद्दे को अब राजनीतिक खींचतान का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। साथ ही प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए युवाओं से समाज और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने का आह्वान किया।

नक्सलवाद पर सरकार की उपलब्धि का जिक्र

अपने 13वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन में पीएम मोदी ने नक्सलवाद और माओवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया, कई परिवारों से उनके बेटे छीन लिए और लोगों के सपनों को तबाह किया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस संघर्ष में 3,500 से अधिक सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं।

मोदी ने कहा कि 2014 में सत्ता संभालने के बाद सरकार ने देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने का संकल्प लिया था। उन्होंने दावा किया कि आज नक्सलवाद कमजोर पड़ चुका है और जिन इलाकों में कभी हिंसा का माहौल था, वहां अब विकास और विश्वास का वातावरण बन रहा है।

‘दिमागी नक्सल’ को लेकर चेतावनी

प्रधानमंत्री ने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है, लेकिन चुनौती को पूरी तरह समाप्त मानकर निश्चिंत नहीं हुआ जा सकता। उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसे तत्व अब भी मौके की तलाश में हैं और हिंसा तथा अराजकता के रास्ते तलाश सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को पहचानकर अलग-थलग करना होगा और युवाओं को विकसित भारत के निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना होगा। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से नक्सलवाद की चुनौती के प्रति सतर्क रहने का भी आग्रह किया।

महिला आरक्षण लागू करने की अपील

महिला आरक्षण को लेकर पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल महिला आरक्षण लागू कराने में योगदान दें और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में अपनी भूमिका निभाएं।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास की नई गति हासिल की है और 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक शक्ति को अब रोका नहीं जा सकता। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने और देश के विकास में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

पीएम मोदी ने कहा कि देश के गरीब, मध्यम वर्ग, दलित, आदिवासी, वंचित और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के करोड़ों लोगों ने विकास यात्रा में योगदान दिया है। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन अब देश दुनिया की तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

आत्मनिर्भर भारत पर जोर

पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भारत को अपनी जरूरतों और राष्ट्रीय हितों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय तक भारत में इस क्षेत्र में बड़े संयंत्र स्थापित नहीं हो सके, लेकिन अब देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू हो चुके हैं और यहां निर्मित सेमीकंडक्टर का निर्यात भी शुरू हो गया है।