केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक बैठक में ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ (PM-DDKY) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में योजना के लिए पहचाने गए 100 चिन्हित जिलों में इसके क्रियान्वयन में तेजी लाने, विभिन्न योजनाओं के परस्पर समन्वय (convergence) को मजबूत करने और जिला स्तर पर किसानों के हित में प्रदर्शन में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया गया।
यह योजना मुख्य रूप से 6 प्रमुख उद्देश्यों पर केंद्रित है:
-
कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना
-
फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना
-
कटाई के बाद के भंडारण की क्षमता को मजबूत करना
-
सिंचाई अवसंरचना में सुधार करना
-
अल्पकालिक और दीर्घकालिक कृषि ऋण तक किसानों की पहुंच आसान बनाना
-
शासन और सेवा वितरण व्यवस्था में सुधार करना
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, योजना के इन 6 उद्देश्यों के तहत 100 चिन्हित जिलों का औसत स्कोर अप्रैल 2026 में 22.54 था, जो जुलाई 2026 में बढ़कर 38.85 हो गया है। इस प्रकार महज तीन महीनों में 16.31 अंकों का उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह योजना 11 मंत्रालयों एवं विभागों की 36 केंद्रीय योजनाओं, राज्य सरकार की योजनाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी के समन्वय से लागू की जा रही है। इन 36 योजनाओं के वार्षिक लक्ष्यों की निगरानी के लिए कुल 121 संकेतकों (74 आउटपुट और 47 आउटकम संकेतक) को चिन्हित किया गया है।
समीक्षा बैठक के दौरान निगरानी ढांचे को और अधिक सख्त बनाने पर बल दिया गया, ताकि ध्यान केवल वित्तीय खर्च और गतिविधियों तक सीमित न रहकर सीधे यह मापने पर हो कि किसानों तक असल में क्या परिणाम और लाभ पहुँच रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को पिछले वर्ष केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई थी और इसे 11 अक्टूबर 2025 को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया था।

More Stories
नेपाल में राहत और बचाव अभियान तेज, भारत की 11 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम त्रिशूली बाजार पहुंची
स्वदेशी अपनाएं, विदेशी शादियों और सोने की अनावश्यक खरीदारी से बचें: प्रधानमंत्री मोदी की अपील
बिश्केक में 26वां एससीओ शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत