प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली के यशोभूमि में ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय यह सम्मेलन भारत में सहयोग, निवेश, नवाचार (इनोवेशन) और प्रतिभा विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ भारत पर वैश्विक विश्वास भी मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद भारत ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है, साथ ही जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भी भारत की सोवरन रेटिंग में सुधार किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का हर नागरिक विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है, जिससे नवाचार, निवेश और विकास के नए अवसर खुल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए भारत को एक पसंदीदा गंतव्य बनाने हेतु हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया अब नए और भरोसेमंद विनिर्माण स्थलों की तलाश कर रही है। भारत में निर्मित चिप्स अब देश के भीतर और दुनिया भर में उपलब्ध हैं। श्री मोदी ने हाल ही में मोहाली और सूरत में दो सेमीकंडक्टर संयंत्रों में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ के तहत परिव्यय को पहले चरण के 8 अरब डॉलर से बढ़ाकर 13.5 अरब डॉलर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 12 चिप बनाने वाली परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है और अगले चरण में इसमें और बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा, उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को सभी सदस्य देशों की सहमति से अपनाया गया, जो भारत पर दुनिया के भरोसे का एक और बड़ा प्रमाण है।
कार्यक्रम में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत दशकों से सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करना चाहता था, लेकिन यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव हो सका है। नीव रखी जा चुकी है और अगला कदम ‘सेमीकॉन 2.0’ के जरिए इस उद्योग का निर्माण करना है, जो छह प्रमुख स्तंभों—सेमीकंडक्टर डिजाइन, मशीनें व सामग्री, मेमोरी, सिलिकॉन, कंपाउंड व लॉजिक फैब्रिकेशन इकाइयां, और अनुसंधान व विकास—पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सेमीकंडक्टर आवश्यकताओं के लिए भारत में चिप्स डिजाइन करने हेतु कम से कम 200 स्टार्टअप्स और कंपनियों को सहायता देने का लक्ष्य रखा है।
‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम’ थीम पर आयोजित ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ में 600 से अधिक प्रदर्शक, 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां और 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं। इसमें जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के 6 कंट्री पैवेलियन, 12 राज्य सरकारों के पैवेलियन और एक समर्पित स्टार्टअप पैवेलियन शामिल हैं।

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