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भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को नई दिशा, व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर बनी सहमति: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ताशकंद में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि उज्बेकिस्तान मध्य एशिया के केंद्र में स्थित होने के साथ इस पूरे क्षेत्र के साथ भारत के जुड़ाव का महत्वपूर्ण केंद्र है। राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों की सोच, आकांक्षाओं और विकास प्राथमिकताओं में काफी समानता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति, इनोवेशन, समावेशी विकास और आधुनिक तकनीक ‘यांगी उज्बेकिस्तान’ तथा ‘विकसित भारत 2047’ के साझा विजन के प्रमुख आधार हैं। इसी साझा सोच और आपसी विश्वास के साथ दोनों देश अपने नागरिकों के बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

रक्षा क्षेत्र में सहयोग को मिलेगा विस्तार

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान आने वाले समय में दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ावा देंगे। रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन और संयुक्त विकास के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों का मजबूत सहयोग आपसी विश्वास और रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।

आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों का साझा संकल्प

प्रधानमंत्री ने आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद को क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियां बताते हुए कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान इनसे निपटने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर एकमत हैं। क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।

राष्ट्रपति मिर्जियोयेव की सराहना

पीएम मोदी ने ताशकंद में अपने और भारतीय प्रतिनिधिमंडल के गर्मजोशी से स्वागत के लिए राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव और उज्बेकिस्तान की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान की यह उनकी चौथी यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और गहरी दोस्ती को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ लंबे समय से बने व्यक्तिगत संबंधों का उल्लेख करते हुए उनकी सकारात्मक सोच, दूरदर्शिता और निरंतर सीखने की इच्छा की सराहना की। उन्होंने भारत के प्रति मिर्जियोयेव की मित्रता और प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।

रणनीतिक साझेदारी को मिला नया विस्तार

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वर्ष 2026 में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ है। इस अवसर पर दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने का फैसला किया है। उन्होंने इसे द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

2030 तक 5 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है। अब दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बाजार तक पहुंच, कनेक्टिविटी, बैंकिंग और भुगतान व्यवस्था में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी दोनों देशों के लिए लाभकारी साझेदारी को आगे बढ़ाया जाएगा।

पारंपरिक चिकित्सा और राज्यों के बीच सहयोग पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में हुए समझौते भारत और उज्बेकिस्तान के सहयोग को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी केवल राष्ट्रीय राजधानियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

इसी उद्देश्य से भारत और उज्बेकिस्तान के शहरों तथा राज्यों के बीच भी साझेदारी विकसित की जा रही है। इनके माध्यम से शहरी प्रबंधन, उद्योग, शिक्षा, पर्यटन और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में लोगों तथा संस्थानों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ावा मिलेगा।

साझा विजन से नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे संबंध

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान की विकास प्राथमिकताओं में कई समानताएं हैं। दोनों देश युवाओं की शक्ति, नवाचार, समावेशी विकास और आधुनिक तकनीक को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि साझा विजन और आपसी विश्वास के आधार पर दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।