भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में उतार-चढ़ाव के बाद करीब सपाट स्तर पर बंद हुआ। दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 12.99 अंक (0.02%) की मामूली गिरावट के साथ 76,944.28 और एनएसई निफ्टी 24.60 अंक (0.10%) की सुस्ती के साथ 24,055.80 के स्तर पर बंद हुआ।
IT और FMCG शेयरों ने संभाला बाजार
कारोबारी सत्र के दौरान आईटी और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। निफ्टी आईटी 0.98 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी 0.94 प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स में शामिल रहे। इसके अलावा निफ्टी ऑयल एंड गैस (0.35%), निफ्टी इन्फ्रा (0.33%), निफ्टी मीडिया (0.26%) और निफ्टी कमोडिटीज (0.14%) भी हरे निशान में बंद हुए।
फार्मा, ऑटो और रियल्टी में गिरावट
दूसरी ओर, निफ्टी हेल्थकेयर (1.60%), निफ्टी फार्मा (1.45%), निफ्टी रियल्टी (1.42%), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.40%), निफ्टी ऑटो (1.22%) और निफ्टी पीएसयू बैंक (1.21%) में भारी बिकवाली दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप में बड़ी बिकवाली
लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में ज्यादा दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 890.25 अंक (1.39%) टूटकर 63,334.50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 45.40 अंक (0.23%) गिरकर 19,886.25 पर बंद हुआ।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स के दिग्गजों में आईटीसी, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड और टीसीएस लाभ में रहे। जबकि मारुति सुजुकी, एसबीआई, इंडिगो, बजाज फिनसर्व, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, टाइटन, सन फार्मा और आईसीआईसीआई बैंक गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
वैश्विक अनिश्चितता और बाजार का रुख
मजबूत घरेलू जीडीपी आंकड़ों के बावजूद मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। यूएस बॉन्ड यील्ड में तेजी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली से बाजार में सतर्कता का माहौल है। विशेषज्ञों के अनुसार, निकट भविष्य में बाजार की चाल कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक मौद्रिक नीतियों और विदेशी पूंजी के प्रवाह से तय होगी।

More Stories
भारत-अफगानिस्तान व्यापार संयुक्त कार्य समूह की बैठक: द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग मजबूत करने पर बनी सहमति
जापान क्रेडिट रेटिंग ने भारत की रेटिंग सुधारी, ‘BBB+’ से बढ़ाकर की ‘A- स्टेबल’
पहली तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.8%, वैश्विक चुनौतियों के बीच कायम रही आर्थिक रफ्तार