रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली में रक्षा कूटनीति (Defence Diplomacy) पर ‘रक्षा’ (RAKSHA) दस्तावेज जारी किया। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह व्यापक दस्तावेज अगले दस वर्षों में वैश्विक रक्षा साझेदारियों के लिए भारत के रणनीतिक रोडमैप और दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।
मंत्रालय के अनुसार, यह दस्तावेज राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों को सक्रिय वैश्विक सहयोग के साथ जोड़ते हुए, अधिक सक्रिय रणनीतिक जुड़ाव की ओर एक बदलाव का प्रतीक है, जो दीर्घकालिक स्थिरता और आपसी विकास को बढ़ावा देता है।
यह रणनीतिक ढांचा मुख्य रूप से चार प्रमुख स्तंभों (Four Key Pillars) पर केंद्रित है:
-
सुरक्षा सहयोग: द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना।
-
क्षमता निर्माण: संयुक्त सैन्य अभ्यासों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और मित्र राष्ट्रों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करके क्षमता निर्माण को बढ़ाना।
-
रक्षा निर्यात: ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत स्वदेशी रक्षा निर्यात को बढ़ावा देना।
-
समुद्री सुरक्षा: समुद्री सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना।
रक्षा कूटनीति भारत की विदेश नीति का एक प्रमुख आधार है। ‘रक्षा’ ढांचा अगले दशक के लिए एक व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि भारत बदलते वैश्विक परिदृश्य में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बना रहे।

More Stories
भारत-बेल्जियम संबंध: पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की वार्ता; रक्षा, सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग पर बनी सहमति
नेपाल में राहत और बचाव अभियान तेज, भारत की 11 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम त्रिशूली बाजार पहुंची
स्वदेशी अपनाएं, विदेशी शादियों और सोने की अनावश्यक खरीदारी से बचें: प्रधानमंत्री मोदी की अपील