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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए उप पुलिस अधीक्षकों को दिए कर्तव्य मंत्र, कहा- रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम करें सॉल्व

मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी परेड ग्राउंड में आयोजित हुआ दीक्षांत समारोह
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परेड की ली सलामी, किया निरीक्षण
वर्ष 2029 तक करना है ड्रग्स की समस्या का सफाया
पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में 12 करोड़ की लागत से होंगे विकास कार्य

3 नवंबर 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के भौंरी स्थित मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी परेड ग्राउंड में 3 नवंबर को आयोजित 44वें-45वें बैच के उप पुलिस अधीक्षकों (डीएसपी) के दीक्षांत समारोह में सहभागिता की। उन्होंने परेड की सलामी लेकर उसका निरीक्षण किया। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को शील्ड और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए अधिकारियों को कर्तव्य के मंत्र भी दिए। उन्होंने कहा कि इस बात की आशा है कि हमारे नए अधिकारी सोशल मीडिया के इस दौर में रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सॉल्व करेंगे। डाकुओं-नक्सलवाद के बाद आपको अब वर्ष 2029 तक ड्रग्स की समस्या का सफाया करना है। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में 12 करोड़ लागत के ऑडिटोरियम बनाने, विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने और 1 किलोमीटर का एप्रोच रोड बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने नक्सलवाद का खात्मा करने वाले 63 पुलिसकर्मियों की आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन मध्यप्रदेश और पुलिस के लिए अति महत्वपूर्ण है। प्रदेश के आज 48 नए जनसेवक मिल रहे हैं। उनसे आज का दिन गौरवांवित हो रहा है। ये जनसेवक राज्य की सेवा करने के लिए अपने आप को तत्पर कर रहे हैं। मैं प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की सुरक्षा का दायित्व संभालने जा रहे इन युवाओं को बधाई देता हूं। मैं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस का गौरवशाली अतीत है। जब-जब प्रदेश में चुनौती आई है, तब-तब हमारे पुलिस जवानों ने उनका सामना उच्चतम प्रतिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यह राज्य लंबे समय तक डाकुओं के साये में रहा है। चाहे चंबल अंचल हो या रीवा अंचल, हमारी पुलिस ने इन चुनौतियों का सामना सफलता से किया और डाकुओं का उन्मूलन किया। पुलिस ने नई पीढ़ी को पुरानी बीमारी से मुक्ति दिलाई।

नक्सलवाद समाप्त कर पुलिस ने साबित की दक्षता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस बात की कल्पना करना कठिन था कि प्रदेश से कभी नक्सलवाद का संकट खत्म होगा। नक्सलियों की वजह से आदिवासी अंचल में विकास ठप हो गया था। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प से असंभव सा लगने वाला लक्ष्य निर्धारित समय सीमा में पूरा हुआ। मध्यप्रदेश ने इस लक्ष्य को समय सीमा से पहले हासिल कर लिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वो गौरवशाली प्रदेश है जिसने समय सीमा से पहले नक्सलियों का सफाया कर अपनी दक्षता साबित की।

कमजोर वर्ग का सहारा बनें नए अधिकारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपका चयन नई चुनौतियों के बीच हो रहा है। यह समय सोशल मीडिया का है। लेकिन, हमारे लिए सोशल मीडिया से ज्यादा सोशल इशु सामने हैं। आप सोशल मीडिया पर सक्रिय रहें, लेकिन आपके सोशल इशु को भी हल करें। आप समस्याओं के बजाए उसके समाधान पर ध्यान लगाएं। रील बनाने से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सुलझाने में ध्यान लगाएं। उन्होंने कहा कि राज्य आपसे अपेक्षा करता है कि आप सोशल मीडिया की लोकप्रियता से समस्या के समाधान की तरफ ठोक कदम उठाएंगे। आप ऐसे अधिकारी बनें, जिनका सम्मान सभी वर्गों में समान रूप से हो। आपसे अपेक्षा है कि कमजोर वर्ग के लिए आप देवदूत बनें।

जीवन ऐसा बनाएं कि मृत्यु भी इसे गौरवांवित करे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज बदलते दौर में अपराधों की परिस्थितियां बदली हैं, नित नई चुनौतियों के बीच आपको संघर्षरत रहना है। आज की परेड में आपने जो विश्वास का प्राकट्य दिया है, वह अद्भुत है। आपका उत्साह-उमंग और उम्मीदें आसमान को पार करें, लेकिन आप कर्तव्य के मार्ग पर गंभीरता से चलें। परमात्मा एक ही बार जीवन देता है, मृत्यु सभी की आने वाली है। हम जीवन इतना जोरदार बनाएं कि मृत्यु उसे गौरवांवित करे। मैं पुलिस से अपेक्षा करता हूं कि डाकुओं-नक्सलवादियों की चुनौती के बाद ड्रग्स की चुनौती को खत्म करे। वर्ष 2029 तक आप ड्रग्स के खिलाफ भी निर्णायक भूमिका अदा करें। पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के कल्याण की चिंता करना सरकार का कर्तव्य है। राज्य सरकार ने पिछले तीन साल में 17 हजार 710 पदों पर भर्ती की हैं। कुल 22 हजार 500 पदों पर भर्ती का टारगेट है। नव नियु्क्त अधिकारी-कर्मचारियों का प्रशिक्षण निरंतर जारी है। हमारी सरकार ने पुलिस विभाग को भी पदोन्नति से लाभान्वित किया है, इससे सभी अधिकारी-कर्मचारियों के बीच उत्साह और उमंग का वातावरण बना है।

नशे का चलन सबसे बड़ी चुनौती
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि यूनिफॉर्म सर्विसेज में पासिंग आउट परेड जीवंत भर हमारी स्मृति में रहती है। वर्ष 2014 से डीएसपी स्तर के अधिकारियों की ट्रेनिंग भोपाल स्थित भौंरी एकेडमी में कराई जा रही है। आज इस एकेडमी से कुल 48 पुलिस अधिकारी प्रशिक्षण समाप्त कर चुके हैं। इनमें 20 महिला अधिकारी भी शामिल हैं। एकेडमी में पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। ये अधिकारी हमारी तकनीकी क्षमताओं और साइबर क्राइम से लड़ाई को मजबूती प्रदान करेंगे। इन अधिकारियों में 22 इंजीनियर बैकग्राउंड से आते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग ने फील्ड में तैनात पुलिस अधिकारियों के लिए एसओपी जारी किए हैं, सभी अधिकारी इनका पालन सुनिश्चित करें, क्योंकि ड्यूटी के साथ अपनी सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। प्रदेश में युवा पीढ़ी के बीच नशे का बढ़ता चलन बड़ी चुनौती है। मध्यप्रदेश पुलिस ने नशे से दूरी है जरूरी अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को 2029 तक नशा मुक्त करने का संकल्प लिया है। सभी नवागत पुलिस अधिकारियों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा साइबर क्राइम भी हमारे लिए बड़ी चुनौती है। राज्य पुलिस विभाग ने जन जागरुकता के लिए सेफ क्लिक अभियान चलाया है। प्रदेश में साइबर कैपेसिटी बिल्डिंग की आवश्यकता है, इसका गठन होना चाहिए। इसके अंतर्गत साइबर थाने, साइबर हेल्प डेस्क, साइबर फॉरेंसिक, साइबर हेल्पलाइन की स्थापना से आम नागरिकों को राहत मिलेगी।

63 पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान में लगे 63 पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिए गए। हम अपने बहादुर जवानों के साहस की सराहना करते हैं। युवा अधिकारियों के सामने चुनौतियां आने पर ही उनके प्रशिक्षण की परीक्षा होती है। पुलिस एकेडमी में मिला प्रशिक्षण युवा अधिकारियों को फील्ड में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ बलिदानियों के योगदान को सदैव स्मरण रखेगी। मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी अवैध शराब के तंत्र को धवस्त करेंगे। उन्होंने पुलिस महानिदेशक मकवाना से कहा कि प्रदेशभर में शराब माफियाओं के विरुद्ध निडर होकर कठोर कार्रवाई करें। कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के बल पर राज्य सरकार निश्चित रूप से अपने उद्देश्यों की पूर्ति करेगी।