स्कूल शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार
18 अगस्त 2026। प्रदेश में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं सुविधायुक्त बनाने के लिए बैठक कर व्यापक विचार-विमर्श कर कार्ययोजना तैयार की गई है। कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन से आने वाले समय में प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
प्रदेश में विद्यार्थियों को सर्वसुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में ऐसे विद्यालयों को भी चिन्हित किया गया है, जो भवन विहीन हैं अथवा जिनकी कक्षाएं अन्य विद्यालयों के भवन में संचालित हो रही हैं। इन विद्यालयों के लिए आवश्यकतानुसार भवन व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
कार्ययोजना के प्रमुख बिंदु
– भवन विहीन विद्यालयों के लिए आवश्यकतानुसार भवन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी
– विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति का नियमित आकलन किया जाएगा
– शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ उसे निरंतर बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
– विद्यार्थियों के लिए आवश्यकतानुसार छात्रावास सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान दिया जाएगा
– अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) नियमित रूप से आयोजित की जाएगी।
– विद्यालय के पूर्व छात्रों को जोड़कर विद्यालय की सुविधाओं के विकास में सहयोग प्राप्त किया जाएगा।
– निजी विद्यालयों के सुचारू एवं व्यवस्थित संचालन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा
– सभी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा
– विद्यालयों में सोशल ऑडिट की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का सहयोग लिया जाएगा
– विद्यालय भवनों की रंगाई-पुताई, पेयजल व्यवस्था एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित किया जाएगा
– विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ एवं उपयोगी शौचालयों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
– कक्षाओं में उपयोगी एवं बेहतर ब्लैक बोर्ड सुनिश्चित किए जाएंगे
– वर्षा सहित मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी
– विद्यालय परिसरों में अनधिकृत रूप से वीडियो निर्माण अथवा अन्य गतिविधियों पर रोक सुनिश्चित की जाएगी
– मध्याह्न भोजन व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी तथा कमियां पाए जाने पर उन्हें तत्काल दूर किया जाएगा।
– विद्यार्थियों की संख्या एवं आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की व्यवस्था की जाएगी।
सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और सुविधायुक्त शिक्षा पर फोकस
कार्ययोजना का उद्देश्य केवल विद्यालयों में अधोसंरचना उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। विद्यालयों की नियमित निगरानी, शिक्षकों की उपस्थिति, अभिभावकों की भागीदारी, सोशल ऑडिट और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के माध्यम से स्कूल शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाया जाएगा।

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