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शिलांग में नॉर्थ ईस्ट ज़ोन इंटर-स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 की शुरुआत, मेघालय में 10 साल बाद हुई वापसी

नॉर्थ ईस्ट ज़ोन इंटर-स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 का आयोजन वर्ष 2016 के बाद पहली बार फिर से मेघालय में किया जा रहा है। यह टूर्नामेंट राज्य में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेल 2027 के टीम इवेंट्स के लिए आधिकारिक क्वालिफाइंग चरण के रूप में कार्य कर रहा है।

शिलांग के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित यह चैंपियनशिप 19 सितंबर 2026 तक चलेगी। इस प्रतियोगिता में पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों—असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम—के 250 से अधिक शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

मेघालय सरकार के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री वायलाडमिकी श्यल्ला (Wailadmiki Shylla) ने कहा कि 10 साल के लंबे इंतजार के बाद इस महत्वपूर्ण चैंपियनशिप की शिलांग में वापसी एक अत्यंत उपयुक्त अवसर पर हुई है, क्योंकि मेघालय अगले वर्ष 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य का खेल बजट आठ-नौ साल पहले के महज ₹40 करोड़ से बढ़कर अब ₹844 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।

बजट में इस बढ़ोतरी का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बेहतर बुनियादी ढांचा, मंच और अवसर प्रदान करना है। इसके साथ ही पुरस्कार राशि में भी वृद्धि की गई है, जिसके तहत राष्ट्रीय खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को ₹2 लाख का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा, श्यल्ला ने ‘मेघालय आउटस्टैंडिंग डायरेक्ट अपॉइंटमेंट पॉलिसी’ पर जोर दिया, जो प्रमुख आयोजनों में पदक जीतने वाले राज्य के एथलीटों को सीधी सरकारी नौकरी की गारंटी देती है। यह नीति एथलीटों को नौकरी जॉइन करने से पहले उच्च शिक्षा हासिल करने या अपने खेल करियर को आगे बढ़ाने के लिए 10 साल तक की छूट अवधि (ग्रेस पीरियड) प्रदान करती है। उन्होंने पुष्टि की कि राष्ट्रीय खेलों की अंतिम चयनित टीम को उनके निरंतर प्रशिक्षण में सहायता के लिए एक समर्पित वजीफा (स्टाइपेंड) भी दिया जाएगा।

कोरिया मास्टर्स का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी और इस टूर्नामेंट में असम का प्रतिनिधित्व कर रहीं स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने लगभग एक दशक बाद शिलांग लौटने पर यहां के खेल माहौल की सराहना की। आगामी राष्ट्रीय खेलों के लिए मेजबान राज्य की तैयारियों और बुनियादी ढांचे पर विश्वास व्यक्त करते हुए चालिहा ने पूर्वोत्तर में जमीनी स्तर की प्रतिभाओं के उभरने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को एलीट स्तर तक पहुंचाने के लिए संरचित प्रशिक्षण और उच्च स्तरीय मैचों का अनुभव आवश्यक है। मेघालय के एथलीटों को संदेश देते हुए उन्होंने बिना किसी दबाव या उम्मीदों के बोझ के खेलने का आग्रह किया।

इस चैंपियनशिप का सफल आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अगले वर्ष होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की दृष्टि से शिलांग की आयोजन क्षमताओं और तैयारियों को भी दर्शाता है।