शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश भर के शिक्षकों और शिक्षाविदों से अपने ज्ञान को निरंतर अपडेट करने, आधुनिक तकनीक को अपनाने और शिक्षण की नवीन पद्धतियों को लागू करने का आह्वान किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि शिक्षक मार्गदर्शन और मेंटरशिप के माध्यम से छात्रों की प्रतिभा को निखारने और उनके चरित्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि समर्पित और संवेदनशील शिक्षक छात्रों की अद्वितीय क्षमता को पहचानकर उन्हें उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों में स्वतंत्र सोच और जिज्ञासा की भावना को बढ़ावा दें। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् ‘भारत रत्न’ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें एक असाधारण शिक्षक बताया।
शिक्षक दिवस के इस विशेष समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू नई दिल्ली में 48 स्कूल शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेंगी। ये शिक्षक 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों और 6 केंद्रीय संगठनों से चुने गए हैं। इसके अतिरिक्त, उच्च शिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक के 21 संकाय सदस्यों को भी राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, जिनमें केंद्रीय संस्थानों, राज्य विश्वविद्यालयों और निजी कॉलेजों के शिक्षक शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान सभी पुरस्कार विजेताओं के अनुकरणीय कार्यों पर आधारित लघु वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किए जाएंगे।

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