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नवनीत कौर ने भरी हुंकार, हॉकी में भी विश्व चैंपियन बनना चाहती है भारतीय महिला टीम

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पिछले साल विश्व कप में ऐतिहासिक जीत से प्रेरणा लेते हुए स्टार हॉकी खिलाड़ी नवनीत कौर अब हॉकी में भी भारत को विश्व चैंपियन बनाने का सपना देख रही हैं। एफआईएच विश्व कप में भारतीय महिला टीम ने पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता और विश्व की चौथे नंबर की टीम चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोककर शानदार शुरुआत की है। अब भारतीय टीम मंगलवार को 18वीं रैंकिंग वाली दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान में उतरेगी।

नवनीत ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम के विश्व कप जीतने के बाद महिला खिलाड़ियों को देश में पहचान और प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने कहा कि अगर क्रिकेट टीम विश्व स्तर पर शानदार प्रदर्शन करके विश्व कप जीत सकती है, तो हॉकी टीम भी ऐसा कर सकती है। उनके मुताबिक विश्व स्तर पर खेलकर खिताब जीतना बहुत बड़ी उपलब्धि है और भारतीय महिला हॉकी टीम भी इस उपलब्धि को हासिल करना चाहती है।

भारत के लिए 211 मैचों में 70 गोल कर चुकीं 30 वर्षीय नवनीत ने कहा कि वह अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर से गुजर रही हैं। एफआईएच नेशंस कप और विश्व कप क्वालीफायर में चार-चार गोल करने वाली नवनीत का लक्ष्य विश्व कप में भी इसी लय को बरकरार रखना है। उन्होंने कहा कि टीम की तैयारियां अच्छी हैं और लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय हॉकी खेलने के कारण उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

नवनीत के लिए यह तीसरा विश्व कप है। उन्होंने 2018 में लंदन में अपना पहला विश्व कप खेला था। अब एक अनुभवी खिलाड़ी के तौर पर उनकी भूमिका भी बदल गई है। उन्होंने कहा कि जब वह टीम में नई थीं, तब सीनियर खिलाड़ियों और कोच से सीखती थीं, लेकिन अब युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देना उनकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद उनमें काफी परिपक्वता आई है और अब उन्हें पता है कि बड़े टूर्नामेंट में दबाव को कैसे संभालना है। नवनीत के अनुसार, पहले उनका ध्यान केवल हॉकी कौशल पर रहता था, लेकिन समय के साथ उन्होंने स्मार्ट हॉकी, फिटनेस और खेल की रणनीति के महत्व को भी समझा है।

भारतीय टीम में 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप है। नवनीत ने युवा खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे खुद पर भरोसा रखें और सीनियर खिलाड़ियों तथा कोच से लगातार संवाद करें। उन्होंने कहा कि बड़े टूर्नामेंट का दबाव स्वाभाविक है, लेकिन सही मार्गदर्शन और टीम के सहयोग से इसे कम किया जा सकता है।

टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने वाली टीम से मौजूदा टीम की तुलना करते हुए नवनीत ने कहा कि वर्तमान टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं। नेशंस कप और विश्व कप क्वालीफायर जैसे टूर्नामेंटों से युवा खिलाड़ियों को जरूरी अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिला है, जिससे टीम के बीच तालमेल भी बेहतर हुआ है।

नवनीत ने कहा कि फिलहाल टीम का पूरा ध्यान विश्व कप पर है और अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों के बारे में अभी नहीं सोचा जा रहा। उनका मानना है कि विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करने से मिलने वाला आत्मविश्वास आगामी एशियाई खेलों में भी टीम के काम आएगा।